सर्वांगीण
श्रेणी: सकारात्मक
“सर्वांगीण” की पूर्ण व्याख्या
कौशल, रुचि, ज्ञान और व्यक्तिगत गुणों की संतुलित विविधता विकसित करता है।
“सर्वांगीण” की संक्षिप्त व्याख्या
«सर्वांगीण» का अर्थ है: कौशल, रुचि, ज्ञान और व्यक्तिगत गुणों की संतुलित विविधता विकसित करता है। रोज़मर्रा के व्यवहार में यह इस तरह दिखाई दे सकता है: कई क्षेत्रों में पर्याप्त दक्षता से भाग लेता है और किसी एक ताकत को पूरे व्यक्तित्व की एकमात्र पहचान बनने से बचाता है। इस गुण को किसी स्थायी पहचान के बजाय समय और अलग-अलग परिस्थितियों में बार-बार दिखने वाले पैटर्न के रूप में समझना बेहतर है। इसकी महत्ता और प्रभाव आवृत्ति, तीव्रता, उद्देश्य, संस्कृति, परिस्थिति और वास्तविक परिणामों पर निर्भर करते हैं। संबंधित या निकट गुण: संतुलित। विपरीत या अलग दिशा के गुण: एक-आयामी, सीमित दृष्टि वाला। निष्पक्ष मूल्यांकन में किसी एक घटना से व्यक्ति को परिभाषित नहीं करना चाहिए; संदर्भ, प्रतिक्रिया, सीख और समय के साथ व्यवहार में बदलाव की गुंजाइश रखनी चाहिए।