सभ्य और शहरी

श्रेणी: सकारात्मक

“सभ्य और शहरी” की पूर्ण व्याख्या

परिष्कृत, शिष्ट और विकसित सामाजिक वातावरण में सहज होता है।

“सभ्य और शहरी” की संक्षिप्त व्याख्या

«सभ्य और शहरी» का अर्थ है: परिष्कृत, शिष्ट और विकसित सामाजिक वातावरण में सहज होता है। रोज़मर्रा के व्यवहार में यह इस तरह दिखाई दे सकता है: औपचारिक बातचीत, सांस्कृतिक भिन्नता और सामाजिक नियम सहजता से संभालता है, बिना संकीर्ण या अनावश्यक रूप से असहज दिखे। इस गुण को किसी स्थायी पहचान के बजाय समय और अलग-अलग परिस्थितियों में बार-बार दिखने वाले पैटर्न के रूप में समझना बेहतर है। इसकी महत्ता और प्रभाव आवृत्ति, तीव्रता, उद्देश्य, संस्कृति, परिस्थिति और वास्तविक परिणामों पर निर्भर करते हैं। संबंधित या निकट गुण: सुसंस्कृत और आकर्षक, सुसंस्कृत, परिष्कृत। विपरीत या अलग दिशा के गुण: असभ्य और खुरदरा, ग्रामीण सादगी वाला। निष्पक्ष मूल्यांकन में किसी एक घटना से व्यक्ति को परिभाषित नहीं करना चाहिए; संदर्भ, प्रतिक्रिया, सीख और समय के साथ व्यवहार में बदलाव की गुंजाइश रखनी चाहिए।

मानवीय गुण