अपरिष्कृत

श्रेणी: नकारात्मक

“अपरिष्कृत” की पूर्ण व्याख्या

परिष्कार, अभ्यास, सहजता या पेशेवर फिनिश की कमी होती है।

“अपरिष्कृत” की संक्षिप्त व्याख्या

«अपरिष्कृत» का अर्थ है: परिष्कार, अभ्यास, सहजता या पेशेवर फिनिश की कमी होती है। रोज़मर्रा के व्यवहार में यह इस तरह दिखाई दे सकता है: संवाद, प्रस्तुति या कौशल में खुरदरे हिस्से दिखते हैं और अधिक तैयारी, संपादन या सामाजिक अभ्यास की जरूरत हो सकती है। इस गुण को किसी स्थायी पहचान के बजाय समय और अलग-अलग परिस्थितियों में बार-बार दिखने वाले पैटर्न के रूप में समझना बेहतर है। इसकी महत्ता और प्रभाव आवृत्ति, तीव्रता, उद्देश्य, संस्कृति, परिस्थिति और वास्तविक परिणामों पर निर्भर करते हैं। संबंधित या निकट गुण: भद्दा और कच्चा। विपरीत या अलग दिशा के गुण: सुघड़ और परिमार्जित, सुसंस्कृत और आकर्षक। निष्पक्ष मूल्यांकन में किसी एक घटना से व्यक्ति को परिभाषित नहीं करना चाहिए; संदर्भ, प्रतिक्रिया, सीख और समय के साथ व्यवहार में बदलाव की गुंजाइश रखनी चाहिए।

मानवीय गुण