सुसंस्कृत और आकर्षक

श्रेणी: सकारात्मक

“सुसंस्कृत और आकर्षक” की पूर्ण व्याख्या

व्यवहार में सहज, आत्मविश्वासी, आकर्षक और सामाजिक रूप से सुघड़ होता है।

“सुसंस्कृत और आकर्षक” की संक्षिप्त व्याख्या

«सुसंस्कृत और आकर्षक» का अर्थ है: व्यवहार में सहज, आत्मविश्वासी, आकर्षक और सामाजिक रूप से सुघड़ होता है। रोज़मर्रा के व्यवहार में यह इस तरह दिखाई दे सकता है: बातचीत और औपचारिक परिस्थितियाँ सहजता से संभालता है, स्वयं को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत करता है और शायद ही सामाजिक रूप से भद्दा या घबराया लगे। इस गुण को किसी स्थायी पहचान के बजाय समय और अलग-अलग परिस्थितियों में बार-बार दिखने वाले पैटर्न के रूप में समझना बेहतर है। इसकी महत्ता और प्रभाव आवृत्ति, तीव्रता, उद्देश्य, संस्कृति, परिस्थिति और वास्तविक परिणामों पर निर्भर करते हैं। संबंधित या निकट गुण: सुसज्जित और सामाजिक रूप से आकर्षक, सभ्य और शहरी, सुघड़ और परिमार्जित। विपरीत या अलग दिशा के गुण: गरिमाहीन, अपरिष्कृत। निष्पक्ष मूल्यांकन में किसी एक घटना से व्यक्ति को परिभाषित नहीं करना चाहिए; संदर्भ, प्रतिक्रिया, सीख और समय के साथ व्यवहार में बदलाव की गुंजाइश रखनी चाहिए।

मानवीय गुण