स्वाभाविक

श्रेणी: सकारात्मक

“स्वाभाविक” की पूर्ण व्याख्या

क्षण अनुकूल हो तो स्वाभाविक रूप से और कभी-कभी बहुत पहले की योजना के बिना कार्य करता है।

“स्वाभाविक” की संक्षिप्त व्याख्या

«स्वाभाविक» का अर्थ है: क्षण अनुकूल हो तो स्वाभाविक रूप से और कभी-कभी बहुत पहले की योजना के बिना कार्य करता है। रोज़मर्रा के व्यवहार में यह इस तरह दिखाई दे सकता है: अवसरों पर जल्दी प्रतिक्रिया देता है, तत्काल उपाय बनाता है और महत्वपूर्ण सीमाएँ रखते हुए वास्तविक आवेगों को गतिविधि आकार देने देता है। इस गुण को किसी स्थायी पहचान के बजाय समय और अलग-अलग परिस्थितियों में बार-बार दिखने वाले पैटर्न के रूप में समझना बेहतर है। इसकी महत्ता और प्रभाव आवृत्ति, तीव्रता, उद्देश्य, संस्कृति, परिस्थिति और वास्तविक परिणामों पर निर्भर करते हैं। संबंधित या निकट गुण: नियममुक्त और बेपरवाह, खेलप्रिय, संकोचमुक्त। विपरीत या अलग दिशा के गुण: कठोर और अलचीला, योजनाबद्ध, संकोचग्रस्त। निष्पक्ष मूल्यांकन में किसी एक घटना से व्यक्ति को परिभाषित नहीं करना चाहिए; संदर्भ, प्रतिक्रिया, सीख और समय के साथ व्यवहार में बदलाव की गुंजाइश रखनी चाहिए।

मानवीय गुण