आत्म-आलोचक

श्रेणी: सकारात्मक

“आत्म-आलोचक” की पूर्ण व्याख्या

अपनी गलतियों, कमजोरियों और प्रदर्शन की ईमानदार समीक्षा करने को तैयार रहता है।

“आत्म-आलोचक” की संक्षिप्त व्याख्या

«आत्म-आलोचक» का अर्थ है: अपनी गलतियों, कमजोरियों और प्रदर्शन की ईमानदार समीक्षा करने को तैयार रहता है। रोज़मर्रा के व्यवहार में यह इस तरह दिखाई दे सकता है: देखता है कि क्या सुधार सकता है, प्रासंगिक प्रतिक्रिया स्वीकार करता है और केवल दूसरों की आलोचना करने के बजाय अपने व्यवहार को भी मानकों पर परखता है। इस गुण को किसी स्थायी पहचान के बजाय समय और अलग-अलग परिस्थितियों में बार-बार दिखने वाले पैटर्न के रूप में समझना बेहतर है। इसकी महत्ता और प्रभाव आवृत्ति, तीव्रता, उद्देश्य, संस्कृति, परिस्थिति और वास्तविक परिणामों पर निर्भर करते हैं। संबंधित या निकट गुण: आत्मचिंतनशील। विपरीत या अलग दिशा के गुण: आलोचनात्मक सोच से रहित, आत्मसंतुष्ट। निष्पक्ष मूल्यांकन में किसी एक घटना से व्यक्ति को परिभाषित नहीं करना चाहिए; संदर्भ, प्रतिक्रिया, सीख और समय के साथ व्यवहार में बदलाव की गुंजाइश रखनी चाहिए।

मानवीय गुण