आरक्षित

श्रेणी: तटस्थ

“आरक्षित” की पूर्ण व्याख्या

विचारों, भावनाओं या सामाजिक अभिव्यक्ति को अपेक्षाकृत सीमित रखता है।

“आरक्षित” की संक्षिप्त व्याख्या

«आरक्षित» का अर्थ है: विचारों, भावनाओं या सामाजिक अभिव्यक्ति को अपेक्षाकृत सीमित रखता है। रोज़मर्रा के व्यवहार में यह इस तरह दिखाई दे सकता है: खुलने में समय लेता है, चुनकर बोलता है और विश्वास व परिचय विकसित होने तक शांत या दूर दिखाई दे सकता है। इस गुण को किसी स्थायी पहचान के बजाय समय और अलग-अलग परिस्थितियों में बार-बार दिखने वाले पैटर्न के रूप में समझना बेहतर है। इसकी महत्ता और प्रभाव आवृत्ति, तीव्रता, उद्देश्य, संस्कृति, परिस्थिति और वास्तविक परिणामों पर निर्भर करते हैं। संबंधित या निकट गुण: निजी, संयत। विपरीत या अलग दिशा के गुण: बेबाक। निष्पक्ष मूल्यांकन में किसी एक घटना से व्यक्ति को परिभाषित नहीं करना चाहिए; संदर्भ, प्रतिक्रिया, सीख और समय के साथ व्यवहार में बदलाव की गुंजाइश रखनी चाहिए।

मानवीय गुण