व्यावहारिक
श्रेणी: सकारात्मक
“व्यावहारिक” की पूर्ण व्याख्या
व्यावहारिक तरीकों, वास्तविक सीमाओं और उपयोगी परिणामों पर ध्यान देता है।
“व्यावहारिक” की संक्षिप्त व्याख्या
«व्यावहारिक» का अर्थ है: व्यावहारिक तरीकों, वास्तविक सीमाओं और उपयोगी परिणामों पर ध्यान देता है। रोज़मर्रा के व्यवहार में यह इस तरह दिखाई दे सकता है: ऐसे समाधान चुनता है जिन्हें उपलब्ध समय और संसाधनों में वास्तव में लागू किया जा सके, केवल सिद्धांत में अटके नहीं रहता। इस गुण को किसी स्थायी पहचान के बजाय समय और अलग-अलग परिस्थितियों में बार-बार दिखने वाले पैटर्न के रूप में समझना बेहतर है। इसकी महत्ता और प्रभाव आवृत्ति, तीव्रता, उद्देश्य, संस्कृति, परिस्थिति और वास्तविक परिणामों पर निर्भर करते हैं। संबंधित या निकट गुण: यथार्थवादी, साधनसंपन्न। विपरीत या अलग दिशा के गुण: अव्यावहारिक, अवास्तविक, कल्पनालोक में डूबा। निष्पक्ष मूल्यांकन में किसी एक घटना से व्यक्ति को परिभाषित नहीं करना चाहिए; संदर्भ, प्रतिक्रिया, सीख और समय के साथ व्यवहार में बदलाव की गुंजाइश रखनी चाहिए।