पांडित्य-प्रदर्शक

श्रेणी: नकारात्मक

“पांडित्य-प्रदर्शक” की पूर्ण व्याख्या

उपयोगिता की कीमत पर छोटे नियम, तकनीकी विवरण या औपचारिक शुद्धता पर जरूरत से ज्यादा जोर देता है।

“पांडित्य-प्रदर्शक” की संक्षिप्त व्याख्या

«पांडित्य-प्रदर्शक» का अर्थ है: उपयोगिता की कीमत पर छोटे नियम, तकनीकी विवरण या औपचारिक शुद्धता पर जरूरत से ज्यादा जोर देता है। रोज़मर्रा के व्यवहार में यह इस तरह दिखाई दे सकता है: तुच्छ गलती सुधारता है, अनावश्यक रूप से सटीक शब्दावली पर अड़ता है और छोटी भिन्नता बचाते हुए मुख्य बात खो सकता है। इस गुण को किसी स्थायी पहचान के बजाय समय और अलग-अलग परिस्थितियों में बार-बार दिखने वाले पैटर्न के रूप में समझना बेहतर है। इसकी महत्ता और प्रभाव आवृत्ति, तीव्रता, उद्देश्य, संस्कृति, परिस्थिति और वास्तविक परिणामों पर निर्भर करते हैं। विपरीत या अलग दिशा के गुण: व्यावहारिक, लचीला। निष्पक्ष मूल्यांकन में किसी एक घटना से व्यक्ति को परिभाषित नहीं करना चाहिए; संदर्भ, प्रतिक्रिया, सीख और समय के साथ व्यवहार में बदलाव की गुंजाइश रखनी चाहिए।

मानवीय गुण