परिपक्व
श्रेणी: सकारात्मक
“परिपक्व” की पूर्ण व्याख्या
वयस्क कार्यक्षमता के अनुरूप विकसित निर्णय, भावनात्मक नियंत्रण, जिम्मेदारी और दृष्टिकोण दिखाता है।
“परिपक्व” की संक्षिप्त व्याख्या
«परिपक्व» का अर्थ है: वयस्क कार्यक्षमता के अनुरूप विकसित निर्णय, भावनात्मक नियंत्रण, जिम्मेदारी और दृष्टिकोण दिखाता है। रोज़मर्रा के व्यवहार में यह इस तरह दिखाई दे सकता है: परिणाम स्वीकार करता है, तत्काल संतुष्टि टाल सकता है, मतभेद को परिपक्व दृष्टि से संभालता है और झटकों पर अनावश्यक बचकानापन नहीं दिखाता। इस गुण को किसी स्थायी पहचान के बजाय समय और अलग-अलग परिस्थितियों में बार-बार दिखने वाले पैटर्न के रूप में समझना बेहतर है। इसकी महत्ता और प्रभाव आवृत्ति, तीव्रता, उद्देश्य, संस्कृति, परिस्थिति और वास्तविक परिणामों पर निर्भर करते हैं। संबंधित या निकट गुण: जिम्मेदार, प्रज्ञावान, संतुलित। विपरीत या अलग दिशा के गुण: बचकाना, आवेगी। निष्पक्ष मूल्यांकन में किसी एक घटना से व्यक्ति को परिभाषित नहीं करना चाहिए; संदर्भ, प्रतिक्रिया, सीख और समय के साथ व्यवहार में बदलाव की गुंजाइश रखनी चाहिए।