तीक्ष्णदर्शी
श्रेणी: सकारात्मक
“तीक्ष्णदर्शी” की पूर्ण व्याख्या
मुख्य मुद्दों को जल्दी पहचानता है और स्पष्टता व सटीकता से उनका विश्लेषण करता है।
“तीक्ष्णदर्शी” की संक्षिप्त व्याख्या
«तीक्ष्णदर्शी» का अर्थ है: मुख्य मुद्दों को जल्दी पहचानता है और स्पष्टता व सटीकता से उनका विश्लेषण करता है। रोज़मर्रा के व्यवहार में यह इस तरह दिखाई दे सकता है: भटकाने वाले विवरणों को हटाता है, पैने सवाल पूछता है और तर्क या समस्या के मूल तर्क अथवा कमजोरी तक पहुँचता है। इस गुण को किसी स्थायी पहचान के बजाय समय और अलग-अलग परिस्थितियों में बार-बार दिखने वाले पैटर्न के रूप में समझना बेहतर है। इसकी महत्ता और प्रभाव आवृत्ति, तीव्रता, उद्देश्य, संस्कृति, परिस्थिति और वास्तविक परिणामों पर निर्भर करते हैं। संबंधित या निकट गुण: सूक्ष्मग्राही। विपरीत या अलग दिशा के गुण: उलझे दिमाग वाला, अस्पष्ट, सतही। निष्पक्ष मूल्यांकन में किसी एक घटना से व्यक्ति को परिभाषित नहीं करना चाहिए; संदर्भ, प्रतिक्रिया, सीख और समय के साथ व्यवहार में बदलाव की गुंजाइश रखनी चाहिए।