सहायक
श्रेणी: सकारात्मक
“सहायक” की पूर्ण व्याख्या
जब जरूरत हो तब उपयोगी सहायता देने के लिए तैयार और सक्षम रहता है।
“सहायक” की संक्षिप्त व्याख्या
«सहायक» का अर्थ है: जब जरूरत हो तब उपयोगी सहायता देने के लिए तैयार और सक्षम रहता है। रोज़मर्रा के व्यवहार में यह इस तरह दिखाई दे सकता है: व्यावहारिक जरूरतें पहचानता है, प्रासंगिक सहयोग देता है और मदद को केवल प्रतीकात्मक इशारा बनाकर नहीं छोड़ता। इस गुण को किसी स्थायी पहचान के बजाय समय और अलग-अलग परिस्थितियों में बार-बार दिखने वाले पैटर्न के रूप में समझना बेहतर है। इसकी महत्ता और प्रभाव आवृत्ति, तीव्रता, उद्देश्य, संस्कृति, परिस्थिति और वास्तविक परिणामों पर निर्भर करते हैं। संबंधित या निकट गुण: सहकारी, विचारशील। विपरीत या अलग दिशा के गुण: परवाह न करने वाला। निष्पक्ष मूल्यांकन में किसी एक घटना से व्यक्ति को परिभाषित नहीं करना चाहिए; संदर्भ, प्रतिक्रिया, सीख और समय के साथ व्यवहार में बदलाव की गुंजाइश रखनी चाहिए।