लोक-सुलभ
श्रेणी: तटस्थ
“लोक-सुलभ” की पूर्ण व्याख्या
गर्मजोशी भरी, अनौपचारिक, पारंपरिक या जमीन से जुड़ी सामाजिक शैली अपनाता है।
“लोक-सुलभ” की संक्षिप्त व्याख्या
«लोक-सुलभ» का अर्थ है: गर्मजोशी भरी, अनौपचारिक, पारंपरिक या जमीन से जुड़ी सामाजिक शैली अपनाता है। रोज़मर्रा के व्यवहार में यह इस तरह दिखाई दे सकता है: बहुत परिष्कृत औपचारिकता के बजाय सरल भाषा, परिचित कहानियाँ, हास्य और सामान्य समुदाय की भावना से संवाद करता है। इस गुण को किसी स्थायी पहचान के बजाय समय और अलग-अलग परिस्थितियों में बार-बार दिखने वाले पैटर्न के रूप में समझना बेहतर है। इसकी महत्ता और प्रभाव आवृत्ति, तीव्रता, उद्देश्य, संस्कृति, परिस्थिति और वास्तविक परिणामों पर निर्भर करते हैं। संबंधित या निकट गुण: धरातलीय, मित्रवत। विपरीत या अलग दिशा के गुण: सभ्य और शहरी, औपचारिक, अलग-थलग। निष्पक्ष मूल्यांकन में किसी एक घटना से व्यक्ति को परिभाषित नहीं करना चाहिए; संदर्भ, प्रतिक्रिया, सीख और समय के साथ व्यवहार में बदलाव की गुंजाइश रखनी चाहिए।