आत्मकेंद्रित
श्रेणी: नकारात्मक
“आत्मकेंद्रित” की पूर्ण व्याख्या
परिस्थितियों को मुख्यतः अपनी जरूरत, महत्व और दृष्टिकोण से समझता है।
“आत्मकेंद्रित” की संक्षिप्त व्याख्या
«आत्मकेंद्रित» का अर्थ है: परिस्थितियों को मुख्यतः अपनी जरूरत, महत्व और दृष्टिकोण से समझता है। रोज़मर्रा के व्यवहार में यह इस तरह दिखाई दे सकता है: अपना अनुभव केंद्रीय मानता है, दूसरे नजरिए को कम महत्व देता है और निर्णय का दूसरों पर असर पहचानने में संघर्ष कर सकता है। इस गुण को किसी स्थायी पहचान के बजाय समय और अलग-अलग परिस्थितियों में बार-बार दिखने वाले पैटर्न के रूप में समझना बेहतर है। इसकी महत्ता और प्रभाव आवृत्ति, तीव्रता, उद्देश्य, संस्कृति, परिस्थिति और वास्तविक परिणामों पर निर्भर करते हैं। संबंधित या निकट गुण: आत्ममुग्ध, स्वार्थी। विपरीत या अलग दिशा के गुण: परकेंद्रित, सहानुभूतिशील, विचारशील। निष्पक्ष मूल्यांकन में किसी एक घटना से व्यक्ति को परिभाषित नहीं करना चाहिए; संदर्भ, प्रतिक्रिया, सीख और समय के साथ व्यवहार में बदलाव की गुंजाइश रखनी चाहिए।