आत्मसंतुष्ट

श्रेणी: नकारात्मक

“आत्मसंतुष्ट” की पूर्ण व्याख्या

मौजूदा स्थिति से इतना संतुष्ट हो जाता है कि जोखिम या जरूरी सुधार नजरअंदाज करता है।

“आत्मसंतुष्ट” की संक्षिप्त व्याख्या

«आत्मसंतुष्ट» का अर्थ है: मौजूदा स्थिति से इतना संतुष्ट हो जाता है कि जोखिम या जरूरी सुधार नजरअंदाज करता है। रोज़मर्रा के व्यवहार में यह इस तरह दिखाई दे सकता है: मानता है कि सब पर्याप्त अच्छा है, चेतावनी संकेत अनदेखे करता है और प्रदर्शन या परिस्थिति गिरने पर भी अतिरिक्त प्रयास का विरोध करता है। इस गुण को किसी स्थायी पहचान के बजाय समय और अलग-अलग परिस्थितियों में बार-बार दिखने वाले पैटर्न के रूप में समझना बेहतर है। इसकी महत्ता और प्रभाव आवृत्ति, तीव्रता, उद्देश्य, संस्कृति, परिस्थिति और वास्तविक परिणामों पर निर्भर करते हैं। संबंधित या निकट गुण: निष्क्रिय, महत्वाकांक्षाहीन। विपरीत या अलग दिशा के गुण: उन्नतिकामी। निष्पक्ष मूल्यांकन में किसी एक घटना से व्यक्ति को परिभाषित नहीं करना चाहिए; संदर्भ, प्रतिक्रिया, सीख और समय के साथ व्यवहार में बदलाव की गुंजाइश रखनी चाहिए।

मानवीय गुण