वाद-विवादप्रिय

श्रेणी: नकारात्मक

“वाद-विवादप्रिय” की पूर्ण व्याख्या

असहमति को बार-बार बहस, विवाद या टकराव में बदल देता है।

“वाद-विवादप्रिय” की संक्षिप्त व्याख्या

«वाद-विवादप्रिय» का अर्थ है: असहमति को बार-बार बहस, विवाद या टकराव में बदल देता है। रोज़मर्रा के व्यवहार में यह इस तरह दिखाई दे सकता है: बयानों को स्वतः चुनौती देता है, संघर्ष लंबा करता है और समस्या समझने या हल करने की तुलना में बहस जीतने पर अधिक ध्यान दे सकता है। इस गुण को किसी स्थायी पहचान के बजाय समय और अलग-अलग परिस्थितियों में बार-बार दिखने वाले पैटर्न के रूप में समझना बेहतर है। इसकी महत्ता और प्रभाव आवृत्ति, तीव्रता, उद्देश्य, संस्कृति, परिस्थिति और वास्तविक परिणामों पर निर्भर करते हैं। संबंधित या निकट गुण: झगड़ा खोजने वाला। विपरीत या अलग दिशा के गुण: मेल-मिलाप कराने वाला, सहमतिशील, सहकारी। निष्पक्ष मूल्यांकन में किसी एक घटना से व्यक्ति को परिभाषित नहीं करना चाहिए; संदर्भ, प्रतिक्रिया, सीख और समय के साथ व्यवहार में बदलाव की गुंजाइश रखनी चाहिए।

मानवीय गुण