विश्लेषणात्मक
श्रेणी: तटस्थ
“विश्लेषणात्मक” की पूर्ण व्याख्या
जानकारी को हिस्सों में बाँटकर संबंध, कारण, प्रमाण और तर्क की जाँच करता है।
“विश्लेषणात्मक” की संक्षिप्त व्याख्या
«विश्लेषणात्मक» का अर्थ है: जानकारी को हिस्सों में बाँटकर संबंध, कारण, प्रमाण और तर्क की जाँच करता है। रोज़मर्रा के व्यवहार में यह इस तरह दिखाई दे सकता है: विवरणों की तुलना करता है, मान्यताएँ परखता है, पैटर्न खोजता है और ऐसे निष्कर्ष पसंद करता है जिन्हें चरण-दर-चरण समझाया जा सके। इस गुण को किसी स्थायी पहचान के बजाय समय और अलग-अलग परिस्थितियों में बार-बार दिखने वाले पैटर्न के रूप में समझना बेहतर है। इसकी महत्ता और प्रभाव आवृत्ति, तीव्रता, उद्देश्य, संस्कृति, परिस्थिति और वास्तविक परिणामों पर निर्भर करते हैं। संबंधित या निकट गुण: तार्किक, प्रणालीबद्ध। विपरीत या अलग दिशा के गुण: सहजज्ञानयुक्त, आलोचनात्मक सोच से रहित। निष्पक्ष मूल्यांकन में किसी एक घटना से व्यक्ति को परिभाषित नहीं करना चाहिए; संदर्भ, प्रतिक्रिया, सीख और समय के साथ व्यवहार में बदलाव की गुंजाइश रखनी चाहिए।